Thursday, 21 December 2017


एक आदमी का गुजरात में विकास...विकास करते-करते गला बैठ गया और वो 16 सीटो का नुकसान लेके आया....!!
दुसरा खाली हाथ होते हुऐ भी आरक्षण और कर्ज माफी के सपने दिखा कर 20 सीटो का फायदा कर आया..
अब मोदी जी को कौन समझाऐ की भारत में अच्छी और तेज गती से बनने वाली सड़के विकास नही होता है..
अंधेरे में डुबे हजारो गांव मे आजादी के सत्तर साल बाद बिजली पहुंचाना भारत में विकास नही माना जाता है..
भारत में LPG की काला बाजारी को रोक कर गरीब के घर में गैस का चुल्हा पहुंचाना विकास नही माना जाता है.....!!
हमारे भारत में आज देश की सीमाओ को सुरक्षित करने को विकास नही माना जाता है....!!
हमारे देश में लाखो करोड़ो के घोटालो के बिना सरकार चलाना विकास नही माना जाता है....!!
टेक्स व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करके भ्रष्टाचार पर रोक लगा कर सरकारी रेवेन्यु बढ़ाना विकास नही माना जाता है....!!
हमारे यहॉ पर आदमी के खाते में बिना मेहनत के पंद्रह लाख आने को विकास माना जाता है..मतलब अगर खाते में पंद्रह लाख आ जाऐ तो आदमी छत पर चढ़ कर सुबह शाम.. विकास हो गया.. विकास हो गया का कीर्तन करने लगता......!!
हमारे यहॉ विकास उसको कहते है जहॉ आरक्षण की वजह से एक पिता अपने सेकंड डिवीजन पास बेटे के लिये भी कह सके की...हमार मुन्ना भी डॉक्टर बन कर ओपन हार्ट सर्जरी करेगा..हमार मुन्ना भी इसरो का रॉकेट उड़ाऐगा..हमार मुन्ना कलक्टर बनेगा..साईनटीस्ट बन कर खोज करेगा...हमारे यहॉ ये विकास है.....!!
नेता के बेटे-बेटी भाई-भतीजे तक मंत्री संत्री बनने को विकास कहा जाता है.....!!
अब देखो आदमी रोज साबरमती के किनारे रोज हग कर साबरमती में धो रहा था कहॉ जरुरत थी रिवर फ्रंट बनाने की.....!!
आराम से हार्दिक, जिग्नेश, अल्पेश को हवेली पर बुलाते और मामला सेट करते.....!!
सभी को आरक्षण की लॉलीपॉप चुसाते.....!!
हजार दो हजार किसानो का कर्ज माफ कर देते.....!!
दो चार मिडीयॉ की दुकानो को किराये पर प्रचार का ठेका देते.....!!
और 150 सीटो का आनंद प्राप्त करते.....!!
क्या जरुरत थी घर-घर में टॉईलेट बनवाने की और सी-प्लेन में उड़ने की..और बुलेट ट्रेन लाने की....!!
क्या जरुरत थी नोटबंदी करने की..GST लाने की..क्या जरुरत थी ये कहने की..की.."ना खाऊंगा ना खाने दुंगा"
मोदी जी भारत पर राज करना है तो नेता बनो..महापुरुष हमारे यहॉ पर जल्दी ही निपटा दिये जाते है.....!!



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