सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या कर ली पर विशेष।
कब किसके मन में क्या चलता है कोई
नहीं जानता, हमारा लक्ष्य यही होना
चाहिए कि कभी भी किसी को बुरा
भला ना कहें, जितना हो सके आपस
में प्रेम और सद्भाव रखें। कौन कब
चला जाएगा ये सिर्फ़ महादेव जानते
हैं। ईश्वर उनके परिवार को हिम्मत दे।
लाइम लाइट और चकाचौंध में जो
जितना ज्यादा भीड़ से घिरा होता है
उतना ज्यादा अकेला होता
है...आत्महत्या किसी बात का
समाधान तो नहीं...लोग खप जाते है
संघर्ष करते करते पर हिम्मत न
हारते..स्ट्रांग बनिये, औरों के लिए न
सही अपने लिए अपने हीरो बनिये,
अपने आप को आईने में देख कर
फील होना चाहिये आने दे जो भी
संकट आये,देख लेंगे, लड़ लेंगे...!
एक बात तो क्लियर है जो जैसा
दिखता है वो वैसा एक्चुअल में होता नही है, बाहरी लाइम लाइट की
चकाचौंध में जीने वाले अक्सर अंदर
से बहुत ही अकेले होते है। भले ही
अरबो की संपत्ति अर्जित की हो परंतु
सब छोड़ कर निकल लिए। सोचता हूं
कि स्ट्रेस लेवल भी कितना हाई हुआ
होगा की ऐसे फैसले सेलेब्रेटी लेते है।
कभी कभी इंसान ना टूटता है ना
बिखरता है बस हार जाता है कभी
किस्मत से तो कभी अपनों से।
कारण तो नही पता बस यही बोल
सकते है कि कुछ अपनो का ही खेल
होगा बरना इतना अच्छा सितारा
दुनिया नही छोड़ता।
दिखाई बेसक किसी को न दे, पर
शामिल ज़रूर होता है,
हर खुदकुशी करने वाले का कोई न
कोई कातिल ज़रूर होता है।
संघर्ष जीवन बनाने के लिये होता तो
जी भी लेता,
जब संघर्ष रिश्तों से होने लगे तो वो
एक पल बर्दास्त ना कर सका।।
इंसान जब अपनी उम्र और अपनी
काबिलियत अधूरी छोड़ देता है तो
उसका दु:ख उन्हें भी होता है जो उस
व्यक्ति पर विश्वास करते थे।
मेरे जैसे कई लोग है जो सुशांत
राजपूत से काफी लगाव रखते थे,
उस मुस्कुराते चेहरे को देखो तो कभी
विश्वास ही नहीं हो सकता की इनको
भी कोई दुःख रहा होगा।
आपका ये फैसला बहुत से कलाकारों
के और आपको चाहने वालों के
हौसले तोड़ेगा।
और सरफराज़ धोखा दे गया
निष्कर्ष
हम हार जीत,
सक्सेस फेलियर में
इतना उलझ गए है,
की ज़िन्दगी जीना भूल गए है!
ज़िन्दगी में अगर कुछ सबसे ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट है, तो वो है खुद ज़िन्दगी!
बहुत ही दुःखद
ॐ शान्ति ॐ शान्ति ॐ शान्ति विन्रम श्रद्धांजलि 💐