Friday, 29 March 2019


                                                                                  @nitinmudgal 

 रघुराम राजन, 

कांग्रेस द्वारा हैंडपिक कर बनाए गए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया RBI के पूर्व गवर्नर,

आजकल अपनी किताब को लॉन्च और प्रमोट करने मुंबई में पाए जाते हैं,

इन्हीं परम् प्रतापी रघुराम राजन के कार्यकाल में भारतीय सरकारी बैंकों की 83% पूंजी कांग्रेस ने अपने करीबियों को कमीशन खाकर लोन के रूप में बांट दी थी,
जो कुल मिलाकर 34 लाख करोड़ रुपए थी और वह सब 2014 में डूबकर एनपीए हो चुका था,

और RBI चीफ रहे इन महाशय रघुराम राजन ने कांग्रेस को बैंकों के 34 लाख करोड़ों रुपए लूटने और डुबाने की खुली छूट दी हुई थी।
नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार के सत्ता संभालने के बाद..
जब महंगाई 4% से नीचे आ चुकी थी,,,

तब भी इन महानुभव रघुराम राजन ने रेपो रेट नहीं घटाया, जबकि सभी इंडिकेटर इसके पक्ष में थे,

 इसी गलती से भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ बाधित हुई।

यह वही महान विभूति रघुराम राजन है जो कांग्रेस के अंतिम दिनों में चिदम्बरम संग मिलकर गोल्ड एक्सचेंज की 80:20 स्कीम लेकर आए थे,

 जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ, परंतु नीरव मोदी-मेहुल चौकसी जैसे ज्वेलरी कारोबारियों को अनुचित रूप से लाभ पहुंचाया गया,

ये महारथी रघुराम राजन भारत के सभी झोलाछाप लेफ्ट लिबरल अर्थशास्त्रियों के डार्लिंग हैं,

इनके प्रथम कार्यकाल की समाप्ति पर जब नरेंद्र मोदी द्वारा इन्हें RBI गवर्नर का दूसरा कार्यकाल नहीं दिया गया, तब सभी बुद्धिजीवियों, कांग्रेसियों, वामपंथीयों, झोलाछाप अर्थशास्त्रियों व विभिन्न बिजनेस चैनल के एंकर और एडिटरों ने विलाप कर ऐसा माहौल बना दिया था
कि अब इनके बिना तो इंडियन स्टॉक मार्केट ही कोलैप्स कर जाएगा,

जबकि हुआ उसके ठीक उलट,

 जिस दिन इनका कार्यकाल समाप्त हुआ उसी दिन निफ्टी ने डेढ़ सौ पॉइंट्स की छलांग लगाई थी,

 सभी झोलाछाप अर्थशास्त्रियों की थ्योरियां औंधे मुंह गिरी थी और मार्केट में एक रैली शुरू हो गई थी।

रघुराम राजन ने सीएनबीसी tv18 से बात करते हुए भारत की 7% से बढ़ रही अर्थव्यवस्था के आंकड़ों पर भी बिना तथ्यों साक्ष्यों और सबूतों के प्रश्न चिन्ह लगाए हैं,
बढ़ते हुए राष्ट्रवाद को अर्थव्यवस्था के लिए एक खतरा बताया और RSS के प्रति अपने अपरहीहेंशन्स व्यक्त किए,

उसके बाद जब इन्ही रघुराम राजन से प्रश्न पूछा गया कि
 "क्या आप कांग्रेस पार्टी के टच में हैं ?"

तो इन्होंने स्वीकार किया कि वह चिदंबरम, राहुल गांधी, मनमोहन सिंह से अक्सर बात करते रहते हैं,

और जब राहुल गांधी की ₹72000 प्रति वर्ष बांटने की योजना का उल्लेख हुआ, तो उन्होंने कहा कि इस योजना में मेरे भी आईडिया सम्मिलित हैं और माना की उन्होंने ही राहुल गांधी को इस योजना पर सुझाव दिए हैं,



अब जरा इनके पाखंड की पराकाष्ठा देखिए ..

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को ₹6000 वार्षिक देने की शुरुआत की तो यह उसकी निंदा कर रहे थे और उसे अर्थव्यवस्था के लिए घातक बताया था,
और सरकारी खजाने पर इसका बुरा प्रभाव पड़ने की बात कही थी,

और अब यही रघुराम राजन आज राहुल गांधी को ₹72000 वार्षिक बांटने का सुझाव दे रहे हैं ,,, और खुलकर उनकी इस योजना का समर्थन कर रहे हैं, मतलब काम करने वाले किसानों को ₹6000 देना गलत है,

परंतु ₹72000/वर्ष बेरोजगारी बढ़ाने और मुफ्तखोरी बढ़ाने के लिए दे देना अच्छी योजना है,

यह है रघुराम राजन का अर्थशास्त्र।

उसके बाद इन्हीं रघुराम राजन ने बड़े लालायित होते हुए कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो भारत आकर रिजर्व बैंक के गवर्नर की कुर्सी संभालने के लिए वे सहर्ष  तैयार हैं,
यानी भारतीय इतिहास के सबसे कलंकित ट्रैक रिकॉर्ड वाले RBI गवर्नर रघुराम राजन जो आने कार्यकाल में PSU बैंकों की 83% पूंजी यानी 34 लाख करोड़ लुटवा चुके हैं
वही अब कांग्रेस के सत्ता में आने पर RBI गवर्नर की कुर्सी पर बैठकर देश की अर्थव्यवस्था का पुनः भट्टा बैठ आने के लिए तत्पर हैं।

देश की जनता को एक बार यह देखने और समझने की आवश्यकता है कि किस ट्रेक रिकॉर्ड और मानसिकता के लोग आज कांग्रेस के पक्ष में बैटिंग कर रहे हैं, और ईश्वर न करे किन्तु यदि भूल से भी कांग्रेस सत्ता में आ गई,

तो ऐसे लोग पुनः महत्वपूर्ण पदों पर बैठकर अपना वही कलंकित ट्रैक रिकॉर्ड आप को दोहराते हुए और देश को हानि पहुंचाते हुए आपको मिलेंगे।

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