चमचे ओर उनके मालिक के लिए समर्पित
लालकृष्ण आडवाणी जी 91 वर्ष की आयु में स्वेच्छा से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं....
जबकि गांधी परिवार की राजनीतिक शक्ति के लिए चुनौती बना हर कांग्रेसी नेता सन्दिग्ध परिस्थितियों में मारा गया....
देख लीजिए स्वयं
लाल बहादुर शास्त्री 62 वर्ष की आयु में
माधवराव सिंधिया 56 वर्ष
राजेश पायलट 55 वर्ष
वाईएसआर रेड्डी 60 वर्ष
भाजपा में नेता साधारण परिवार से आकर शीर्ष तक पहुंचते हैं और फिर क्षमतावान योग्य व्यक्तियों के लिए स्वेच्छा से उनके लिए स्थान बनाते हैं....
जबकि कांग्रेस में तो सोनिया गांधी को अध्यक्ष पद देने के लिए सिटिंग कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी को कांग्रेसियों द्वारा उठाकर सड़क के फुटपाथ पर फेंक दिया जाता है।
यह है कांग्रेस द्वारा अपने शीर्ष नेताओं को दिये आदर का छोटा सा विवरण, अतः सुरजेवाला जैसे कांग्रेसी प्रवक्ता को एक बार अपनी कांग्रेस पार्टी का इतिहास देख लेना चाहिए।
ओर चमचे पहले अपनी राजनीतिक परिवार पार्टी खांग्रेश की धो ले वैसे भी ४४ सीट हैं भाजपा में घुसोगे तो ४ भी नही बचेंगी
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