Wednesday, 9 September 2020

सरकारी का निजीकरण


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आप सुबह उठकर चप्पल पहनते हैं। वह निजी कम्पनी ने बनाया है।

फिर शौचालय जाते हैं, वह भी किसी निजी क्षेत्र ने ही बनाया है।

अब आप साबुन/ हैंडवाश से हाथ धोते हैं, वह भी निजी क्षेत्र ने बनाया है।

अब आप ब्रश उठाते हो और उस पर मंजन लगाते हो, वह भी निजी क्षेत्र ने बनाया है। 

अब आप बाहर निकलते हैं और तौलिये से मुंह पोछते हैं और सोफे/ कुर्सी पर बैठते है, यह भी निजी क्षेत्र ने बनाया है। 

इसके बाद अब आप मोबाईल चलाते हैं और तीव्र गति से फेसबुक देख रहे होते हैं, यह सब भी निजी क्षेत्र ने बनाया है।

अब आपकी पत्नी आपके लिये नाश्ता बना रही हैं, जो निजी क्षेत्र का ही है।

जिस बर्तन में परोसा गया और जिस बार से उसे धोया गया और धुलने के लिये जिसको रखा भी गया, वह सब भी निजी क्षेत्र के है।

अब आप नहाने जाते हैं और शैम्पू, बाडी वाश, रेजर का इस्तेमाल करते हैं, सब भी निजी क्षेत्र का है।

नहाने के बाद आप जो तेल, क्रीम, पाउडर, कंघा आदि इस्तेमाल करते हैं, वह सब भी निजी क्षेत्र का है।

उसके बाद आप जो कपड़े, बेल्ट, टाई, पर्स पहनते हैं, वह भी निजी क्षेत्र का है।

अब आप अपने गाड़ी, कार आदि को स्टार्ट करते हैं या फिर आटो, टेम्पो, रिक्सा पकड़ते हैं, वह भी निजी क्षेत्र का है। 

अब आप उन 1% लोगों में नहीं हैं, जो सरकारी नौकर हैं, तो आप जिस गली, मुहल्ले, दुकान, माल, आफिस में जा रहे हैं, वह भी निजी क्षेत्र का है।

आप दोपहर में जो टिफ़िन लेकर गये थे खाने के लिये, वह भी निजी क्षेत्र का है। 

दोपहर के बाद आप थोड़ा चाय सिगरेट काफी के लिये कार्यालय के बाहर आते हैं, वह भी निजी क्षेत्र का है।

अब संध्या हो आयी है, घर लौट रहे है, उसी निजी क्षेत्र के वाहन से...

घर में टीवी देख रहे हैं, कोई चैनल लगाया, पंखा चलाया, थकान मिटाई, यह सब निजी क्षेत्र का है। 

अभी अभी दूध वाले ने आवाज लगाई, कपड़े धोने वाला कपड़ा लेकर आया, यह सब निजी क्षेत्र के हैं। 

अब आप अपने बच्चो के साथ बैठे हैं, बच्चो को चकित करने के लिये आपने अचानक कुछ चाकलेट और खिलौने निकाले, यह सब निजी क्षेत्र के हैं। 

अब आप अपनी  पत्नी के साथ बच्चो कोलेकर जिस टेबल कुर्सी पर बैठकर खा रहे हैं, वह भी निजी क्षेत्र का है।

अब 09 बज चुके हैं। आप ने गलती से NDTV लगा दिया वहा रवीश कुमार प्रकट हुए, वह भी निजी क्षेत्र के हैं।

उन्होने बताया की मोदी निजीकरण करके देश बेच रहे हैं। 😂

अब आप अपने निजी पत्नी के साथ निजी क्षेत्र द्वारा बनाये बिस्तर और पलंग पर बैठकर इस निजीकरण से बेहद चिंतित हैं। आपकी रातों की नींद गायब है। 

ईश्वर आप का कल्याण करें।
 
सरकारों का काम नहीं है उद्योग चलाए, जो पूंजी लगा रहा है उसे ही उद्योग चलाने दे, दर्द उसे ही है जिसका कुछ अपना लगा हुआ है l

इस प्रेषिका (पोस्ट) को आप गर्व से विनिमय (शेयर ) करें ताकि जन जन तक मेरा ये संदेश पहुंचे और  इस प्रेषिका (पोस्ट) की सार्थकता सिद्ध हो ....

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