Tuesday, 21 January 2020

आज कल एक ख्याल है जो अब रातों को सोने नहीं देता, खाने नहीं देता, पीने नहीं देता, जीने नहीं देता| एग्जाम रिजल्ट को अब बस एक महीना रह गया है| उसके बाद ज़िन्दगी बदल जायेगी| मैं पास हुआ तब भी, मैं फेल हुआ तब भी| यूँ तो कहने को हर इंसान के पास 60 साल ज़िन्दगी के होते हैं मगर मेरी ज़िन्दगी में बस वही एक साल गिना जाएगा, जो मैंने तुम्हारे साथ बिताया है| सवाल ये है कि क्या ये गिनती यहीं रुक जायेगी| 
ज़िन्दगी में हार जीत तो लगी रहती है, उसकी परवाह मुझे न कल थी, न आज है, और न शायद कल होगी| परवाह है तुम्हें खोने या पाने की| मेरे मन में आज भी जब वो ख़्याल आता है, तो मेरी रूह कांप उठती है| कैसा होगा वो दिन जब कोई और तुम्हें ब्याह कर ले जायेगा| कभी सोचा है तुमने? चलो आज सोचते हैं| 
गहनों से लदी हुई तुम, शून्य सा भाव लिये, मूरत बनकर बैठी होगी| तुम्हारी आँखों से लगातार गिरते आंसू, सबको नज़र तो आ रहे होंगे लेकिन किसी की हिम्मत नहीं होगी तुमसे तुम्हारे रोने का कारण पूछ ले| तुम्हारा मन भी होगा उन आंसुओं को रोकने का, लेकिन मुझे पता है मेरा बाबू आंसू रोक नहीं पाता| तुम्हारी शादी होगी| एक अनजान इंसान के साथ| जिसे तुमने जाना होगा, बस कुछ ही महीनों पहले| वो बेहतर होगा मुझसे, करियर से लेकर शक्ल कद काठी तक में| लेकिन ये बात तो बस तुम्हारा दिल जानता है कि ये सब मायने रखता कहाँ है| उससे तुम्हारी क्वालिफिकेशन जरूर मिलेगी, लेकिन दिल शायद न मिले| वो तुम्हें गले का हार, कान की बाली, पैरों की पायल भी लाकर दे देगा, लेकिन चेहरे की मुस्कान, वो कहाँ से देगा| हाँ तो कहाँ थे हम, हाँ तुम्हारी शादी पर| तो शादी हो जायेगी तुम्हारी| धूम धाम से| पूरे रीति रिवाजों के साथ, एक योग्य यूपीएससी क्लियर्ड लड़के के साथ| सब कुछ सही सही लगेगा सबको, लेकिन मुझे बस तुम्हारी परवाह है? क्या रह सकोगी? मुझसे बात किए बिना, 2 घंटे नहीं रह पाती हो, मेरी आवाज़ सुने बिना मरना पड़ेगा! मेरी शक्ल देखे बिना चैन नहीं पड़ता तुम्हें, बेचैनी में कैसे कटेगी ज़िन्दगी पूरी| और वो दर्द, वो तड़प, वो टीस, वो आंसू, वो मेरे होते हुए, मेरे न होने का एहसास, मेरे जीते जी, मेरे मर जाने का एहसास| 
                  सिनेमा हॉल में तुम्हें रोते हुआ देखकर, क्या वो भी जोकर बन सकेगा? तुम्हें अलग अलग कार्टून्स की मिमिक्री कर के क्या हंसा पायेगा वो, आधी रातों में फोन पर, क्या तुम्हारे बुरे सपनों को सुन पायेगा वो| शायद नहीं| शायद मैं वो सब कर दूँ जो वो कर सकता है, लेकिन वो ये सब न कर पाये| तुम्हारे आँसू, तुम्हारी हंसी, तुम्हारी मुस्कुराहट, तुम्हारी उदासी, ये सब मेरे लिए जीने मरने के सवाल हैं| तुम मेरी आँखें पढ़ सकती हो ना, आज ये सब नहीं कह पाऊंगा, पढ़ सको तो पढ़ लो| आज तुम्हें रुकने को नहीं कहूंगा, रुक सको तो रुक जाओ| 
                 तुम्हारी ज़िन्दगी अब दोराहे पर खड़ी है| तुम चुन लो| क्या चाहिए? ज़िन्दगी भर की टीस, ज़िन्दगी भर की तड़प, अधजगी रातें, खोए हुए दिन, हर वक़्त के आंसू, जीते जी मरना, या फिर कुछ देर की लड़ाई| बस कुछ देर की| सोच लो| ज़िन्दगी बार बार मौके नहीं देती| बार बार सब कुछ इतना सही नहीं होता| ये आखिरी मौका है, लड़ना पड़ेगा, तुम्हें मेरे लिए और मुझे तुम्हारे काबिल बनने के लिए| इस लड़ाई में मेरा साथ दोगी ना, दोगी तो मेरा यकीन मानो हम जीत जाएंगे, हमारी मोहब्बत जीत जायेगी| हम जियेंगे| नहीं दिया तो तैयार रहना, ज़िन्दगी काटने के लिए|  😣


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