🚩।।नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि।।🚩
🚩 “हिंदू राजा का राज्याभिषेक महादेव की नगरी काशी”🚩
2017 के यू.पी. चुनावो के अंतिम चरणों मे जब मोदी जी चार दिन काशी मे प्रवास करके पूर्वांचल को मथ रहे थे तब उनके रोड शो मे उमड़ी भीड़ को देख कर विपक्ष मजाक उड़ा रहा था कि मोदी पराजय से भयभीत हो चुके है। इसीलिये काशी मे रूके है और रोड शो मे भीड तो किराये की है। उस समय मैने अपने ब्लॉग मे कहा था कि मोदी जी जैसे शिवभक्त और मां गंगा के पुत्र का बनारस मे चार दिन रूकना कोई साधारण बात नही है।
आज जो मोदी जी का मजाक उड़ा रहे है वो जान ले, मोदी जी प्रवास नही बल्कि मणिकर्णका पर विपक्ष का अंतिम संस्कार कर रहे है और मोदी जी के रोड शो मे स्वत:उमड़ी यही भीड़ विपक्ष के ताबूत पर कील ठोंकने जा रही है और 11 मार्च 17 को यही हुआ भी था.......!!
कल बनारस मे मोदी जी का रोड शो देख रहा था। भगवा की सुनामी के निनाद मे भले ही "मोदी, मोदी, मोदी" का शोर सुनाई दे रहा है, लेकिन नेपथ्य से मुझे पावन काशी के घंटे, घड़ियालों और डमरूओं के स्वरो मे केवल यह सुनाई दे रहा है कि यह केवल रोड़ शो नही है।
यह सनातन राष्ट्रवाद के केसरिया ध्वज को थाम कर भारत को विश्व शक्ति बनाने के साथ साथ मां भारती के पुरातन गौरव को वापस लाने के लिये आतुर चक्रवर्ती सेनापति के साथ उसकी पराक्रमी अक्षौहिणी सेना की शत्रुहंता वाली किलकारी है। ठीक उसी तरह जैसे लंका विजय के प्रस्थान के पूर्व मर्यादा पुरूषोत्तम की सेना के सैनिक उत्साह मे चहुंओर आक्रमण करने पहले शंखनाद कर रहे थे। जिसे सुन कर समुद्र पार दशानन के शिविर मे भय व्याप्त हो गया था। ठीक उसी तरह आज बनारस मे उमड़ा जन समुद्र सनातन और राष्ट्रवाद के घोर विरोधी विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस के भविष्य का पूर्व संकेत दे रहा है।
जो बुद्धिमान होगा वो समझेगा, लेकिन सनातन, राष्ट्र और मोदी से नफरत करने की दौड मे अंधा हो चुका विपक्ष अभी भी समझ नही पा रहा है कि महामानव के साथ कदम से कदम मिला कर चल रहा यह जनसैलाब प्रतीक है कि देश की सुधी जनता उनकी घिनौनी सियासत की चिंद्दिया बिखेरने के लिये कितना बेचैन है।
लंकेश जैसी विचारधारा को नेस्तनाबूद करने के लिये मां भारती के सनातनी बच्चे कितने बेसब्री से शेष चरणों के युद्ध की प्रतीक्षा कर रहे हैं !!!
फिलहाल मोदी जी के प्रति जनता का प्यार और मोदी जी के सनातनी औरा की तेजस्वी चमक से अंधे हो चुके राजनीतिक विश्लेषक के नाम पर डिबेट मे बैठे कांग्रेस के पिड्डीज ही नही, वरन् सेकुलर, लिबरल, लुटियन, शहरी नक्सली, बौद्धिक बीमारों के साथ साथ देश के मोदी विरोधी नेता और उनकी पार्टी के चारणों के मुंह फक्क हो गये है।
माथे (पेशानी) से पसीना चू रहा है, उनके बीच हाहाकार मचा है।
बेचारो का स्वराज धुंआ छोड़ रहा है, वो अलग बात है कि असुर कुल बेहयाई मे डी.लिट. होने के कारण मुंह से जहर निकाल रहा है बाकी वो परिणाम जान रहे हैं।
खैर एक बात और पूछूंगा, पांच साल पहले कभी आपने टी.वी. (न्यूज चैनलों) पर गंगा आरती, श्लोक, कीर्तन, घंटे, घडियाल, शंखध्वनि या हिंदुत्व के संस्कार आधार्त कोई कार्यक्रम देखा था..??
जानते है यह कैसे संभव हुआ ?? इसके पीछे आपकी संगठित शक्ति है, जिसने मोदी जी को ताकतवर बनाया।
इसलिए प्रत्याशी जाइये भूल याद रखिये केवल मोदी और कमल का फूल !
अंत मे महादेव से 🙏🏻 प्रार्थना है कि , हे परमात्मा सदियों बाद सनातन को नेतृत्व मिला है। कृपया राष्ट्र सेवक पुत्र की रक्षा करियेगा !
वन्दे मातरम्⛳🙏🏻
🚩 “हिंदू राजा का राज्याभिषेक महादेव की नगरी काशी”🚩
2017 के यू.पी. चुनावो के अंतिम चरणों मे जब मोदी जी चार दिन काशी मे प्रवास करके पूर्वांचल को मथ रहे थे तब उनके रोड शो मे उमड़ी भीड़ को देख कर विपक्ष मजाक उड़ा रहा था कि मोदी पराजय से भयभीत हो चुके है। इसीलिये काशी मे रूके है और रोड शो मे भीड तो किराये की है। उस समय मैने अपने ब्लॉग मे कहा था कि मोदी जी जैसे शिवभक्त और मां गंगा के पुत्र का बनारस मे चार दिन रूकना कोई साधारण बात नही है।
आज जो मोदी जी का मजाक उड़ा रहे है वो जान ले, मोदी जी प्रवास नही बल्कि मणिकर्णका पर विपक्ष का अंतिम संस्कार कर रहे है और मोदी जी के रोड शो मे स्वत:उमड़ी यही भीड़ विपक्ष के ताबूत पर कील ठोंकने जा रही है और 11 मार्च 17 को यही हुआ भी था.......!!
कल बनारस मे मोदी जी का रोड शो देख रहा था। भगवा की सुनामी के निनाद मे भले ही "मोदी, मोदी, मोदी" का शोर सुनाई दे रहा है, लेकिन नेपथ्य से मुझे पावन काशी के घंटे, घड़ियालों और डमरूओं के स्वरो मे केवल यह सुनाई दे रहा है कि यह केवल रोड़ शो नही है।
यह सनातन राष्ट्रवाद के केसरिया ध्वज को थाम कर भारत को विश्व शक्ति बनाने के साथ साथ मां भारती के पुरातन गौरव को वापस लाने के लिये आतुर चक्रवर्ती सेनापति के साथ उसकी पराक्रमी अक्षौहिणी सेना की शत्रुहंता वाली किलकारी है। ठीक उसी तरह जैसे लंका विजय के प्रस्थान के पूर्व मर्यादा पुरूषोत्तम की सेना के सैनिक उत्साह मे चहुंओर आक्रमण करने पहले शंखनाद कर रहे थे। जिसे सुन कर समुद्र पार दशानन के शिविर मे भय व्याप्त हो गया था। ठीक उसी तरह आज बनारस मे उमड़ा जन समुद्र सनातन और राष्ट्रवाद के घोर विरोधी विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस के भविष्य का पूर्व संकेत दे रहा है।
जो बुद्धिमान होगा वो समझेगा, लेकिन सनातन, राष्ट्र और मोदी से नफरत करने की दौड मे अंधा हो चुका विपक्ष अभी भी समझ नही पा रहा है कि महामानव के साथ कदम से कदम मिला कर चल रहा यह जनसैलाब प्रतीक है कि देश की सुधी जनता उनकी घिनौनी सियासत की चिंद्दिया बिखेरने के लिये कितना बेचैन है।
लंकेश जैसी विचारधारा को नेस्तनाबूद करने के लिये मां भारती के सनातनी बच्चे कितने बेसब्री से शेष चरणों के युद्ध की प्रतीक्षा कर रहे हैं !!!
फिलहाल मोदी जी के प्रति जनता का प्यार और मोदी जी के सनातनी औरा की तेजस्वी चमक से अंधे हो चुके राजनीतिक विश्लेषक के नाम पर डिबेट मे बैठे कांग्रेस के पिड्डीज ही नही, वरन् सेकुलर, लिबरल, लुटियन, शहरी नक्सली, बौद्धिक बीमारों के साथ साथ देश के मोदी विरोधी नेता और उनकी पार्टी के चारणों के मुंह फक्क हो गये है।
माथे (पेशानी) से पसीना चू रहा है, उनके बीच हाहाकार मचा है।
बेचारो का स्वराज धुंआ छोड़ रहा है, वो अलग बात है कि असुर कुल बेहयाई मे डी.लिट. होने के कारण मुंह से जहर निकाल रहा है बाकी वो परिणाम जान रहे हैं।
खैर एक बात और पूछूंगा, पांच साल पहले कभी आपने टी.वी. (न्यूज चैनलों) पर गंगा आरती, श्लोक, कीर्तन, घंटे, घडियाल, शंखध्वनि या हिंदुत्व के संस्कार आधार्त कोई कार्यक्रम देखा था..??
जानते है यह कैसे संभव हुआ ?? इसके पीछे आपकी संगठित शक्ति है, जिसने मोदी जी को ताकतवर बनाया।
इसलिए प्रत्याशी जाइये भूल याद रखिये केवल मोदी और कमल का फूल !
अंत मे महादेव से 🙏🏻 प्रार्थना है कि , हे परमात्मा सदियों बाद सनातन को नेतृत्व मिला है। कृपया राष्ट्र सेवक पुत्र की रक्षा करियेगा !
वन्दे मातरम्⛳🙏🏻
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